ट्रम्प ने शिकागो में नेशनल गार्ड तैनाती के लिए सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मांगी
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ट्रम्प ने शिकागो में नेशनल गार्ड तैनाती के लिए सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मांगी

सारांश

राष्ट्रपति ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट से शिकागो में नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती की अनुमति मांगी है, जो निचली अदालतों के फैसलों के बाद रोकी गई थी।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से शिकागो में नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने का अनुरोध किया है, जो घरेलू कानून प्रवर्तन में सैन्य बलों के उपयोग पर संघीय सरकार के अधिकार को लेकर कानूनी विवाद को बढ़ा रहा है। यह अनुरोध निचली अदालतों के एक श्रृंखला के फैसलों के बाद आया है, जिन्होंने अस्थायी रूप से ऐसी तैनाती को रोका था।

प्रशासन की अपील 7वें अमेरिकी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स के उस आदेश के बाद आई है, जिसने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा था जो तैनाती को रोकता था, और "विद्रोह" के दावों के तहत सैन्य बल के उपयोग को न्यायसंगत ठहराने के लिए अपर्याप्त सबूत बताया था। अदालत ने कहा कि "राजनीतिक विरोध विद्रोह नहीं है" और पाया कि "इलिनॉय में विरोध गतिविधि ने संघीय अधिकारियों की संघीय आव्रजन कानून लागू करने की क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बाधित नहीं किया है।"

सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका में, प्रशासन ने तर्क दिया कि निचली अदालत का आदेश "राष्ट्रपति के अधिकारों पर अनुचित रूप से प्रभाव डालता है और अनावश्यक रूप से संघीय कर्मियों और संपत्ति को खतरे में डालता है।" सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉयर ने तैनाती की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि शिकागो में संघीय अधिकारियों को "धमकाया गया है और हमला किया गया है, एक भयावह पूर्व-योजना बनाकर किए गए घातक हमले में कई हमलावर शामिल थे।"

कानूनी विवाद राष्ट्रपति के घरेलू स्तर पर नेशनल गार्ड तैनात करने के अधिकार के इर्द-गिर्द केंद्रित है। प्रशासन ने 1827 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले मार्टिन बनाम मोट को उद्धृत किया है, जिसमें कहा गया था कि "यह निर्णय करने का अधिकार कि आपातकाल उत्पन्न हुआ है या नहीं, केवल राष्ट्रपति के पास है।" हालांकि, विरोधियों का तर्क है कि वर्तमान स्थिति ऐसी तैनाती के लिए मानदंडों को पूरा नहीं करती है और प्रशासन की कार्रवाई टेन्थ संशोधन का उल्लंघन कर सकती है, जो कुछ शक्तियों को राज्यों के लिए सुरक्षित रखता है।

सुप्रीम कोर्ट ने इलिनॉय और शिकागो अधिकारियों से सोमवार शाम तक जवाब मांगा है, जो इस मामले की त्वरित सुनवाई का संकेत देता है। इस फैसले का घरेलू सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के मामलों में संघीय और राज्य प्राधिकरणों के बीच शक्ति संतुलन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

स्रोत

CNN

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President Donald Trump has petitioned the U.S. Supreme Court to permit the deployment of National Guard troops in Chicago.

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The 7th U.S. Circuit Court of Appeals upheld a lower court's order preventing the deployment, citing insufficient evidence to justify the use of military force under claims of 'rebellion.'

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Solicitor General D. John Sauer emphasized the necessity of the deployment, stating that federal officials in Chicago 'have been threatened and assaulted, attacked in a harrowing pre-planned ambush involving many assailants.'

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The administration has cited the 1827 Supreme Court decision in Martin v. Mott, which held that 'the authority to decide whether the exigency has arisen belongs exclusively to the president.'

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Opponents argue that the current situation does not meet the criteria for such deployments and that the administration's actions may violate the Tenth Amendment, which reserves certain powers to the states.

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The Supreme Court has requested responses from Illinois and Chicago officials by Monday evening, indicating an expedited consideration of the case.

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The outcome could have significant implications for the balance of power between federal and state authorities in matters of domestic security and law enforcement.

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