फेडरल जज ने पोर्टलैंड में नेशनल गार्ड तैनाती पर प्रशासन की रोक आदेश पालन पर सवाल उठाए
सिर्फ तथ्य

फेडरल जज ने पोर्टलैंड में नेशनल गार्ड तैनाती पर प्रशासन की रोक आदेश पालन पर सवाल उठाए

सारांश

एक फेडरल जज यह जांच कर रहे हैं कि कोर्ट के आदेश के बावजूद ओरेगन नेशनल गार्ड सैनिकों की पोर्टलैंड में संक्षिप्त तैनाती अदालत की अवमानना तो नहीं है।

एक फेडरल जज ट्रम्प प्रशासन द्वारा ओरेगन नेशनल गार्ड सैनिकों की पोर्टलैंड में संक्षिप्त तैनाती की जांच कर रहे हैं, जो एक अदालत द्वारा ऐसे कार्यों को रोकने के आदेश के कुछ घंटे बाद हुई थी। यह तैनाती 4 अक्टूबर की रात 11 बजे से 5 अक्टूबर को सुबह 2 बजे के बीच हुई, जबकि यू.एस. डिस्ट्रिक्ट जज करिन इमरगुट ने 4 अक्टूबर को दोपहर 3:40 बजे एक अस्थायी रोक आदेश जारी किया था। जज इमरगुट ने अपने आदेश के संभावित उल्लंघन को लेकर चिंता जताई, कहा, "हम बाद में चर्चा करेंगे कि क्या यह अवमानना और मेरे टी.आर.ओ. का सीधा उल्लंघन है।"

प्रशासन की ओर से 200 ओरेगन नेशनल गार्ड सदस्यों को संघीयकृत कर तैनात करने का कदम पोर्टलैंड के इमिग्रेशन और कस्टम्स इनफोर्समेंट (ICE) सुविधा में जारी प्रदर्शनों के बीच संघीय संपत्ति की सुरक्षा के लिए था। हालांकि, राज्य और स्थानीय अधिकारियों ने इस कार्रवाई की आवश्यकता पर सवाल उठाए, यह तर्क देते हुए कि स्थानीय कानून प्रवर्तन स्थिति को संभालने में सक्षम थे। ओरेगन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड ने कहा, "हमारे गार्ड सदस्य हमारे पड़ोसी हैं, राजनीतिक हथियार नहीं। हमें अपने मामले पर भरोसा है और हम ओरेगन के कानूनों और मूल्यों की रक्षा जारी रखेंगे।"

यह घटना नेशनल गार्ड सैनिकों के संघीयकरण को लेकर चल रहे व्यापक कानूनी संघर्ष का हिस्सा है। 5 अक्टूबर को, जज इमरगुट ने एक दूसरा अस्थायी रोक आदेश जारी किया, जो किसी भी राज्य से ओरेगन में नेशनल गार्ड बलों की तैनाती को 14 दिनों के लिए रोकता है। अदालत ने 17 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित की है ताकि यह विचार किया जा सके कि इन रोक आदेशों की अवधि बढ़ाई जाए या नहीं।

प्रशासन की कार्रवाई ने संघीय और राज्य अधिकारियों के बीच शक्ति संतुलन और घरेलू कानून प्रवर्तन में सैन्य बलों के उचित उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चल रही कानूनी कार्यवाही संघीय सरकार की कार्रवाई की वैधता और राज्य संप्रभुता पर उनके प्रभाव को निर्धारित करेगी।

स्रोत

The New York Times

तथ्य जाँच

लेख के तथ्यों की जाँच करें बाहरी स्रोतों और डेटाबेस का उपयोग करके।

✓
Confirmed

A federal judge is scrutinizing the Trump administration's brief deployment of Oregon National Guard soldiers to Portland, which occurred hours after a court had ordered a halt to such actions.

!
Partly Confirmed

The deployment took place between 11 p.m. on October 4 and 2 a.m. on October 5, following a temporary restraining order issued by U.S. District Judge Karin Immergut at 3:40 p.m. on October 4.

!
Unverified

Judge Immergut expressed concern over the potential violation of her order, stating, 'We'll discuss later whether that's contempt and a direct violation of my T.R.O.'

✓
Confirmed

The administration's move to federalize and deploy 200 Oregon National Guard members was intended to protect federal property amid ongoing protests at a Portland Immigration and Customs Enforcement (ICE) facility.

✓
Confirmed

State and local officials contested the necessity of this action, arguing that local law enforcement was capable of managing the situation.

!
Unverified

Oregon Attorney General Dan Rayfield emphasized, 'Our Guard members are our neighbors, not political props. We're confident in our case and will continue to defend Oregon's laws and values.'

✓
Confirmed

On October 5, Judge Immergut issued a second temporary restraining order, blocking the deployment of any National Guard forces from any state into Oregon for 14 days.

✓
Confirmed

The court scheduled a hearing for October 17 to consider whether to extend the duration of these restraining orders.

पढ़ते रहें — निःशुल्क

समाचार फ़ॉलो करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ। कार्ड की आवश्यकता नहीं।