सुप्रीम कोर्ट ने किम डेविस की समलैंगिक विवाह निर्णय को पलटने की अपील पर विचार किया
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सुप्रीम कोर्ट ने किम डेविस की समलैंगिक विवाह निर्णय को पलटने की अपील पर विचार किया

सारांश

सुप्रीम कोर्ट पूर्व केंटकी क्लर्क किम डेविस की 2015 के समलैंगिक विवाह को वैध ठहराने वाले निर्णय को पलटने की अपील की समीक्षा कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट केंटकी के पूर्व रोवन काउंटी क्लर्क किम डेविस की अपील की समीक्षा करने जा रहा है, जो 2015 के ओबेरगेफेल बनाम होजेस फैसले को पलटने का प्रयास कर रही हैं, जिसने पूरे देश में समलैंगिक विवाह को वैध कर दिया था। डेविस, जिन्होंने 2015 में अपने धार्मिक विश्वासों का हवाला देते हुए समलैंगिक जोड़ों को विवाह लाइसेंस जारी करने से इनकार कर राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया था, बाद में अदालत के अपमान के लिए जेल भी गई थीं।

अपने याचिका में, डेविस का तर्क है कि पहला संशोधन उन्हें विवाह लाइसेंस देने से इनकार करने के लिए व्यक्तिगत दायित्व से बचाता है। वह दावा करती हैं कि ओबेरगेफेल निर्णय "गंभीर रूप से गलत" था और इसे पलट दिया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट 7 नवंबर को अपनी निजी बैठक के दौरान डेविस की अपील पर विचार करेगा। मामले को सुनने के निर्णय की घोषणा 10 नवंबर तक हो सकती है।

कानूनी विशेषज्ञ डेविस की अपील को कम संभावित मानते हैं, यह नोट करते हुए कि निचली अदालतों ने लगातार उनके दावों को खारिज किया है।

इस अपील का परिणाम संयुक्त राज्य अमेरिका में समलैंगिक विवाह की कानूनी स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

स्रोत

abcnews.go.com

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Kim Davis, the former Rowan County Clerk in Kentucky, has filed a petition with the U.S. Supreme Court seeking to overturn the 2015 Obergefell v. Hodges decision that legalized same-sex marriage nationwide.

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Kim Davis was jailed in 2015 for contempt of court after refusing to issue marriage licenses to same-sex couples, citing her religious beliefs.

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The Supreme Court will consider Davis's appeal during its private conference on November 7, with a decision on whether to hear the case potentially announced as early as November 10.

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Legal experts view Davis's appeal as a long shot, noting that lower courts have consistently dismissed her claims.

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