इरानी विरोध प्रदर्शन बढ़े मौतों की संख्या और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच
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इरानी विरोध प्रदर्शन बढ़े मौतों की संख्या और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच

सारांश

ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में हताहत हुए हैं और संभावित सैन्य हस्तक्षेप को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है।

ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिसमें सक्रियता समूहों ने 11 जनवरी, 2026 तक कम से कम 538 मौतों और 10,600 से अधिक गिरफ्तारी की सूचना दी है। ये प्रदर्शन, जो शुरू में आर्थिक समस्याओं के कारण शुरू हुए थे, अब व्यापक रूप से सरकार विरोधी आंदोलनों में बदल गए हैं।

तेहरान में एक डॉक्टर ने बताया कि 200 से अधिक मौतें हुई हैं, जिनमें से अधिकांश सुरक्षा बलों द्वारा उपयोग की गई जिंदा गोलियों के कारण हैं। ईरानी सरकार ने कड़े संचार प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें इंटरनेट और फोन ब्लैकआउट शामिल हैं, जिससे स्वतंत्र रूप से हताहतों की पुष्टि करना कठिन हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है और संभावित हस्तक्षेप का संकेत दिया है। इसके जवाब में, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर हमला किया गया तो अमेरिकी और इजरायली सैन्य लक्ष्य वैध माने जाएंगे।

इजरायल स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है लेकिन सीधे हस्तक्षेप के प्रति सतर्क है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने नागरिक हताहतों की निंदा की और "स्वतंत्र ईरान" के साथ भविष्य के संबंधों की आशा व्यक्त की। बढ़े हुए तनाव के बावजूद, इजरायल ने नए नागरिक सुरक्षा दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं, और इसे ईरान के आंतरिक मामले के रूप में देख रहा है।

यह अशांति आर्थिक कठिनाइयों और राजनीतिक दमन के प्रति गहरी सार्वजनिक असंतोष को दर्शाती है, जो ईरान के नेतृत्व के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती है। स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है, जिसका क्षेत्रीय स्थिरता पर संभावित प्रभाव हो सकता है।

स्रोत

CNN

पहली बार यहां रिपोर्ट किया गया

तथ्य जाँच

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Confirmed

Nationwide protests in Iran have intensified, with activist groups reporting at least 538 deaths and over 10,600 detentions as of January 11, 2026.

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Confirmed

U.S. President Donald Trump has expressed support for the protesters and hinted at potential intervention.

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Confirmed

Iranian parliamentary speaker Mohammad Bagher Qalibaf warned that American and Israeli military targets would be considered legitimate if Iran is attacked.

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Confirmed

Israel is closely monitoring the situation but remains cautious about direct involvement.

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