उपराष्ट्रपति वांस ने तैनाती चुनौतियों के बीच विद्रोह अधिनियम पर ट्रम्प के विचार करने का संकेत दिया
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उपराष्ट्रपति वांस ने तैनाती चुनौतियों के बीच विद्रोह अधिनियम पर ट्रम्प के विचार करने का संकेत दिया

सारांश

उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सभी विकल्पों का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिनमें विद्रोह अधिनियम भी शामिल है, क्योंकि संघीय सैनिक तैनाती कानूनी अड़चनों का सामना कर रही है।

उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सभी विकल्पों का मूल्यांकन कर रहे हैं, जिनमें संभावित रूप से विद्रोह अधिनियम को लागू करना भी शामिल है, क्योंकि अमेरिकी शहरों में संघीय सैनिक तैनाती पर कानूनी चुनौतियां जारी हैं। एनबीसी न्यूज के "मीट द प्रेस" कार्यक्रम में एक साक्षात्कार में, वांस ने कहा, "राष्ट्रपति अपने सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं," और यह भी जोड़ा कि ट्रम्प ने अभी तक 1807 के इस कानून को लागू करने की आवश्यकता महसूस नहीं की है।

विद्रोह अधिनियम राष्ट्रपति को विशिष्ट परिस्थितियों में कानून प्रवर्तन उद्देश्यों के लिए घरेलू स्तर पर अमेरिकी सैन्य बल तैनात करने की अनुमति देता है। इसका अंतिम प्रयोग 1992 में लॉस एंजिल्स दंगों के दौरान हुआ था। प्रशासन द्वारा पोर्टलैंड और शिकागो जैसे शहरों में तैनाती के लिए नेशनल गार्ड सैनिकों को संघीय बनाने के हाल के प्रयासों को न्यायालय के आदेशों द्वारा अस्थायी रूप से रोका गया है।

वांस ने मीडिया कवरेज और कुछ समूहों की आलोचना की, जिन पर आरोप लगाया कि वे आप्रवास कानून लागू करने वाले कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमलों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा, "राष्ट्रपति बस यह चाहते हैं कि लोग सुरक्षित रहें, और हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि अमेरिकी लोग अपने देश में सुरक्षित रहें।"

राष्ट्रपति ट्रम्प ने पहले भी संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ तो वे विद्रोह अधिनियम को लागू करने के लिए तैयार हैं, यह कहते हुए कि यह कानून ऐसी स्थितियों के लिए मौजूद है। कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि यह अधिनियम "अवैध अवरोध" या "विद्रोह" के मामलों में सैन्य तैनाती की अनुमति देता है जो कानून प्रवर्तन में बाधा डालते हैं। हालांकि, इसके उपयोग पर कानूनी जांच और संभावित चुनौतियां हो सकती हैं।

स्रोत

NBC News

तथ्य जाँच

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The Insurrection Act permits the president to deploy U.S. military forces domestically for law enforcement purposes under specific conditions.

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Its last invocation occurred in 1992 during the Los Angeles riots.

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Recent attempts by the administration to federalize National Guard troops for deployment in cities like Portland and Chicago have been temporarily blocked by court orders.

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President Trump has previously indicated a willingness to invoke the Insurrection Act if deemed necessary, noting that it exists for such situations.

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Legal experts highlight that the act allows for military deployment in cases of 'unlawful obstructions' or 'rebellion' that hinder law enforcement.

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A federal appeals court has ruled that National Guard troops sent to Illinois by President Donald Trump can remain under federal control but cannot currently be deployed for patrols or to protect federal property.

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A federal judge has temporarily blocked the deployment of National Guard troops in the Chicago area for two weeks, ruling there is no substantial evidence of a rebellion.

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The Insurrection Act, a U.S. federal law dating back to 1807, allows the president to deploy military forces or federalize the National Guard within the country to address uprisings, rebellions, or interference with law enforcement.

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