देशव्यापी 'नो किंग्स' विरोध प्रदर्शन में लाखों ने जताई तानाशाही के खिलाफ आवाज़
सिर्फ तथ्य

देशव्यापी 'नो किंग्स' विरोध प्रदर्शन में लाखों ने जताई तानाशाही के खिलाफ आवाज़

सारांश

अमेरिका भर में लाखों लोग 'नो किंग्स' विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप की कथित तानाशाही के खिलाफ विरोध जताया गया, जिसमें वाशिंगटन, डी.सी. में भारी संख्या में लोग जुटे।

18 अक्टूबर, 2025 को, अमेरिका के लाखों नागरिकों ने देशभर में 'नो किंग्स' विरोध प्रदर्शन में भाग लिया, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित तानाशाही के खिलाफ अपनी असहमति व्यक्त की गई। आयोजकों ने बताया कि 2,700 से अधिक शहरों और कस्बों में लगभग 70 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए, जो अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े एक दिवसीय विरोध प्रदर्शनों में से एक है।

वाशिंगटन, डी.सी. में लगभग 2 लाख प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए, जिनमें परिवार, प्रवासी और पूर्व सैनिक शामिल थे। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण मार्च, नारेबाजी और प्रतीकात्मक प्रदर्शन जैसे उल्टे झंडे और राष्ट्रपति ट्रंप के कार्टून चित्रों के माध्यम से आयोजित किया गया।

डी.सी. विरोध प्रदर्शन के दौरान किए गए एक जनसांख्यिकीय सर्वेक्षण में पता चला कि आम तौर पर उपस्थित व्यक्ति 40 के दशक की एक श्वेत, कॉलेज-शिक्षित महिला थी, जिसने इस कार्यक्रम के बारे में दोस्तों या सोशल मीडिया के जरिए जाना। सर्वेक्षण में यह भी दिखाया गया कि 86% प्रतिभागी श्वेत थे, 57% महिलाएं थीं, और लगभग 90% राजनीतिक रूप से वामपंथी विचारधारा के समर्थक थे।

विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से शांतिपूर्ण रहे, और अशांति की रिपोर्टें न्यूनतम थीं। लॉस एंजिल्स और पोर्टलैंड में, पुलिस ने औपचारिक कार्यक्रमों के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और भीड़ नियंत्रण के उपकरणों का इस्तेमाल किया। साल्ट लेक सिटी में एक मार्च के दौरान हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ, और तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।

आयोजकों ने प्रदर्शन की शांतिपूर्ण प्रकृति पर जोर देते हुए कहा कि ये कार्यक्रम कानूनी और देशभक्तिपूर्ण असहमति के रूप थे। उन्होंने बढ़ते तनाव और संभावित टकराव के बीच भी अहिंसा के महत्व को रेखांकित किया।

'नो किंग्स' आंदोलन राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान एक महत्वपूर्ण विरोध शक्ति के रूप में उभरा है, जो अमेरिकी सरकार में बढ़ती तानाशाही की प्रवृत्ति के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विरोध व्यक्त करता है।

स्रोत

Yahoo

तथ्य जाँच

लेख के तथ्यों की जाँच करें बाहरी स्रोतों और डेटाबेस का उपयोग करके।

✓
Confirmed

On October 18, 2025, millions of Americans participated in 'No Kings' protests across the nation, expressing opposition to President Donald Trump's perceived authoritarianism.

✓
Confirmed

Organizers reported that nearly 7 million people attended demonstrations in over 2,700 cities and towns, marking one of the largest single-day protests in U.S. history.

✓
Confirmed

In Washington, D.C., approximately 200,000 demonstrators gathered, featuring a diverse array of participants, including families, immigrants, and veterans.

✓
Confirmed

The event was characterized by peaceful marches, chants, and symbolic displays, such as American flags flown upside down and caricatures of President Trump.

!
Unverified

A demographic survey conducted during the D.C. protest revealed that the typical attendee was a white, college-educated woman in her 40s who learned about the event through friends or social media.

!
Unverified

The survey also indicated that 86% of participants identified as white, 57% as women, and nearly 90% aligned politically with the left.

✓
Confirmed

The protests were largely peaceful, with minimal reports of unrest.

✓
Confirmed

In Los Angeles and Portland, police used tear gas and crowd-control munitions to disperse crowds after the formal events concluded.

पढ़ते रहें — निःशुल्क

समाचार फ़ॉलो करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ। कार्ड की आवश्यकता नहीं।